उड़ी आतंकी हमले के बाद हिमाचल के कई हिस्सों में संदिग्ध दिखने की कथित अफवाहें जारी हैं। चिंतपूर्णी के निकटवर्ती बधमाना गांव में वीरवार को सड़क किनारे एक पेड़ से लटके बैग में सेना की वर्दी मिली। गांव में लावारिस वर्दी मिलने की खबर चिंतपूर्णी क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों से खबर मिलते ही डीएसपी अंब जतिंद्र चौधरी सहित पुलिस टीम बधमाना गांव पहुंच गई और वर्दी को लेकर छानबीन में जुट गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि उक्त वर्दी इंडियन आर्मी की ही है। यह पांच-छह महीने पुरानी है। मामले की पुष्टि डीएसपी जतिंद्र चौधरी ने की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वीरवार को बधमाना गांव में सड़क के नजदीक मनरेगा का काम चल रहा था।
काम कर रहे लोगों ने पेड़ पर लटका हुआ एक लावारिस बैग देखा। शक होने पर देखा तो उसमें सेना की वर्दी निकली। उन्होंने चिंतपूर्णी पुलिस को सूचित किया। पुलिस जांच में वर्दी के ऊपर आईएनडीआर लिखा पाया गया। यह इंडियन आर्मी की वर्दी का निशान होता है। वर्दी के ऊपर अनित ठाकुर के नाम की नेम प्लेट लगी थी।
पुलिस ने साथ लगती पंचायतों नारी, धर्मशाल महंता, बेहड़ भटेड़, ज्वाल, चिंतपूर्णी के प्रधानों से छानबीन की, लेकिन इस नाम के व्यक्ति का किसी भी पंचायत में होने का पता नहीं चला। इससे यह संदेह बना हुआ है कि आखिर वर्दी किसकी है और उसने यहां वर्दी को पेड़ पर बैग के अंदर क्यों लटकाया था?
डीएसपी जतिंद्र चौधरी ने बताया कि लावारिस सेना की वर्दी मिली है। इस पर इंडियन आर्मी का निशान और एक नेम प्लेट लगी थी। वर्दी पुरानी लग रही है। पुलिस नेम प्लेट को लेकर जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों को लेकर अलर्ट रहने का आह्वान किया है।