हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार
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हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि पूर्व अध्यक्ष ने महासंघ का हिसाब नहीं दिया तो 15 सितंबर को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। प्रदेश सरकार से मांग की है कि केंद्र की तर्ज पर प्रदेश के कर्मचारियों को भी 7 वां वेतनमान जारी किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि महासंघ एकजुट है और कोई गुटबाजी नहीं है।
विनोद कुमार ने रविवार को प्रेस सम्मेलन में कहा कि सरकार संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक के लिए महासंघ प्रतिनिधियों को बुलाए, जिससे प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके। पूर्व सरकार में जेसीसी के लिए महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष एसएस जोगटा को जेसीसी के लिए बुलाया था। चार साल बाद दूसरी बैठक नहीं हुई। जोगटा सेवानिवृत्त हो गए हैं।
महासंघ की नई कार्यकारिणी गठित कर दी गई गई है। इसके बाद भी महासंघ का पिछले पांच साल का हिसाब नहीं दिया जा रहा। उनको तीन नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। अब अगर हिसाब नहीं दिया तो 15 सितंबर को जोगटा के खिलाफ पुलिस में एफआईआर की जाएगी।
विनोद ने कहा कि जैसे मंत्रियों और विधायकों के भत्तों में वृद्धि की है, वैसे ही प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में भी वृद्धि की जाए। कर्मचारियों के भत्ते वर्ष 1996 में बढ़ाए गए थे, लेकिन इसके बाद से भत्तों में कोई वृद्धि नहीं हो पाई। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन न होने से कर्मचारियों को पदोन्नति रुकी है।