अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ तदर्थ कमेटी के अध्यक्ष विनोद कुमार
- फोटो : फाइल फोटो
प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव के लिए प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेता जुट गए हैं। महासंघ की 12 जिलों की कमेटियां पहले ही गठित हो चुकी हैं। प्रदेश कमेटी के चुनाव कराने के लिए कार्यकारिणी की बैठक जून के पहले हफ्ते में बुलाई जानी हैं। महासंघ से प्रदेश के करीब पौने दो लाख कर्मचारी सीधे जुड़े हुए हैं।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के तीन साल बाद चुनाव कराने अनिवार्य हैं। महासंघ के प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव साल 2015 के बाद से नहीं हुए हैं। महासंघ से जुड़े नेताओं का कहना है कि तीन साल की अवधि के बाद अध्यक्ष और महासचिव को चुनाव कराने से पहले जनरल हाउस बुलाना अनिवार्य है। इसमें महासंघ के तीन साल के कार्यकाल का लेखाजोखा भी सदस्यों के समक्ष रखना पड़ता है।
आज दिन तक न तो जनरल हाउस बुलाया गया और न की महासंघ का लेखा जोखा रखा जा सका है। इसके बाद महासंघ तदर्थ कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने जनवरी, 2018 में तत्कालीन अध्यक्ष और महासचिव को नोटिस भी भेजा था कि महासंघ जनरल हाउस में पूरा लेखाजोखा रखा जाए।
इस नोटिस पर कोई गौर नहीं किया और तदर्थ कमेटी ने इसके बाद सभी जिलों में चुनाव कराकर जिला कमेटियां गठित कर दीं। लोकसभा चुनाव के कारण महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव नहीं हो सके। लोकसभा चुनाव होने के बाद महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक जून पहले हफ्ते में बुलाई जा रही है।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ तदर्थ कमेटी के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक जून के पहले हफ्ते में बुलाई जा रही है। इसमें प्रदेश कार्यकारिणी के चुनाव की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जिला कमेटियां पहले ही गठित की जा चुकी हैं।