हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रविवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सामरिक महत्व वाले चंडीगढ़-मनाली हाईवे के अलावा धर्मपुर-सरकाघाट एनएच समेत 50 मार्गों पर सोमवार सुबह से यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ।
142 ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रही। उठाऊ पेयजल योजनाओं में बिजली न होने से पंपिंग नहीं हो पाई। इससे पेयजल किल्लत गहरा गई है। मंडी, नेरचौक, सरकाघाट और धर्मपुर क्षेत्रों में कई घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। इससे लोग परेशान रहे।
सुबह आठ बजे मंडी से 10 किलोमीटर दूर सात मील के पास भारी भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद हो गया। पहाड़ियों से गिर रहे मलबे की चपेट में आने से एक कार क्षतिग्रस्त हुई। इसमें सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।
इसी एनएच पर चार मील के पास मंडी से शिवाबदार जा रही बस भी मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। कुल्लू-मनाली के लिए वैकल्पिक मार्ग कमांद-कटौला और चैलचौक-पंडोह मार्ग भी रुक-रुक कर बंद होते रहे। इससे रोजमर्रा के उत्पादों जैसे दूध, ब्रेड आदि की सप्लाई प्रभावित रही। गोहर में 88 और धर्मपुर में 55 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं।
प्रशासनिक अमला सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त मशीनरी और लेबर तैनात है। बारिश के चलते राहत कार्यों में बाधा आ रही है। एनएचएआई को संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे मशीनरी और लेबर तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
-अरिंदम चौधरी, डीसी मंडी
जिले में इन सड़कों पर प्रभावित रहा यातायात
सरकाघाट-ऊहल वैली, घटासनी-टिक्कन-बरोटी, पधर-बल्ह, राजगढ़-कोयला माता मंदिर, चंडयाल-कांडी-तारापुर-डोला टिक्कर, टिक्कन-सिलबुधनी, मंडी-द्वितीय सुंदरनगर, प्रेसी-पांगना, पांगना-मझंगन, चैल-जंजैहली, जंजैहली-मगरूगला, करंगल-किंडर, सलापड़-तत्तापानी, गोहर-कोट-देवीधर, धनोटू-रोहंगलु, बल्ह-सराज, गोहर- कांधा, बस्सी-भाठा-गढ़ीमान, गोहर-खरसी, शिलिबागी-कल्हानी, थाच-बागी, चोबाई-नंदेहाली-पांडेहल, शैटाधार-बजेहल, भाटकीधर-खाबलेचो, कदौन-बनधर, छेदाखड़-दरानी-करधनी, कोट- देओल-जैनशाला, शिलिबागी-देओल, गगन-बलिधर-केल्टी, शिवखड़-कुठेर-झामाच-स्पेनीधारा, पंडोह-कांधा, केलोधार-पतिकारी, बंग-रेशान-खौली, जंजैहली-रायगढ़-शिकारी माता, जंजैहली-मगरूगला, भंथल-सनरली-शंकर देहरा-रायगढ़, शंकरदेहरा-मथियाना-पोखरीधर, जंजैहली-भेखली-गाडागुसैनी, करसोग-शिमला-मंडी-मेंचिंद-बंग, पंडोह-कांधा, केलोधर-पतिकारी, कानून-प्रांगण वाया दुर्कनू, सरकाघाट-मासर्न-बग्गी, दुर्गापुर-कोठीगहरी-थौना-रिसा, रिसा-बेरी, पदसला-मेगा-बांद्रोपा-हवानी, फतेहपुर-चंदेश-दुर्गापुर, बग्गी-खुदीखां-भनसी, सरकाघाट-बग्गी-मासेराणी-दुर्गापुर मार्गों पर पहिए थमे रहे।