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अधपका सेब और प्लम लाने से कम मिल रहे दाम

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रॉयल सेब और ब्लैक अंबर प्लम समय से पहले तोड़कर फल मंडी पहुंचा रहे हैं बागवान
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पिछले साल के मुकाबले आधे मिल रहे हैं दाम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सीजन की शुरुआत में ही फल मंडी में कच्चा माल आने से सेब और प्लम के रेट तेजी नहीं पकड़ पा रहे। बीते साल के मुकाबले इस साल सेब और प्लम को आधे रेट मिल रहे हैं। सेब में अर्ली वैरायटी के टाइडमैन के बाद रॉयल ने भी मंडियों में दस्तक देनी शुरू कर दी है। प्लम में रेड ब्यूट और सेंटा रोजा के बाद अब ब्लैंक एंबर पहुंचने लगा है लेकिन अच्छे दाम नहीं मिल रहे। कई दिनों से बारिश न होने के कारण भी फलों का आकार और रंग नहीं सुधर रही।
मंडियों के आढ़तियों और खरीददारों का कहना है कि अच्छी क्वालिटी का माल न आने से दामों में तेजी नहीं आ पा रही। देश की बड़ी मंडियों में क्वालिटी फ्रूट की मांग है लेकिन इन दिनों लोकल मंडियों में बढ़िया माल नहीं आ रहे। बीते साल टाइडमैन सेब 1200 से 2000 रुपये प्रति पेटी बिक रहा था लेकिन इस साल 800 से 1400 रुपये रेट चल रहा है। रॉयल सेब को पिछले साल शुरुआत में 2800 से 3500 रुपये प्रति पेटी रेट मिला था लेकिन इस साल 2000 रुपये से अधिक रेट नहीं मिल रहा। सबसे महंगे बिकने वाले ब्लैक अंबर प्लम को भी इस साल सीजन की शुरुआत में अच्छे दाम नहीं मिल रहे। बीते साल ब्लैक अंबर 250 से 350 रुपये प्रति बॉक्स बिक रहा था लेकिन इस साल 100 से 150 रुपये प्रति बाक्स से अधिक रेट नहीं मिल पा रहा है। फसल पर इस साल ओलो की मार अधिक है जिसके कारण बागवानों को अच्छे रेट नहीं मिल रहे।
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कच्चा माल आने से दिक्कत : हरीश
शिमला की ढली और ठियोग की पराला मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि मंडियों में कच्चा माल आने से दामों में तेजी नहीं आ रही। मार्केट में बढ़िया माल की मांग है लेकिन मंडियों में छोटे साइज और हॉफ कलर का सेब पहुंच रहा है। ब्लैक अंबर प्लम को भी बागवान तैयार होने से पहले ही मंडियों में ला रहे हैं जिससे रेट में तेजी नहीं आ रही। बागवानों से आग्रह है कि पूरी तरह तैयार होने के बाद ही फसल मार्केट में लाए तभी दामों में उछाल आएगा।
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तैयार होने से पहले न लाएं ब्लैक एंबर : दीपक
हिमाचल प्रदेश प्लम ग्रोवर फोरम के संस्थापक दीपक सिंघा ने कहा कि प्लम के अच्छे रेट नहीं मिलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि बागवान तैयार होने से पहले ही ब्लैक अंबर प्लम बेचने के लिए मंडियों में ला रहे हैं। ब्लैक अंबर प्लम जब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता इसमें स्वाद पैदा नहीं होता। इस साल प्लम की पैदावार अधिक है। प्लम ग्रोवर फोरम प्लम उत्पादकों को जागरूक करने का हर संभव प्रयास कर रही है।
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