भट्ठाकुफर
मंडी में देरी से शुरू हुआ कारोबार
बारिश से फलों का तुड़ान कार्य भी हुआ प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में हुई भारी बारिश के चलते सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से सेब से लदी गाड़ियां कई घंटे तक फंसी रहीं।
करसोग से पिकअप में सेब लेकर भट्ठाकुफर फल मंडी आ रहे बागवान राजकुमार ने बताया कि सुन्नी के तत्तापानी के पास भूस्खलन के चलते उनकी गाड़ी दो से तीन घंटे तक फंसी रही। चियोग के गंगाराम और ठियोग के शेर सिंह ने बताया कि वह सुबह 8 बजे घर से सेब लेकर निकल गए थे लेकिन कुफरी में एक घंटे तक गाड़ी फंसी रही। इससे मंडी में सेब कारोबार प्रभावित हुआ। मंडी में देरी से सेब पहुंचने के कारण कारोबार भी थोड़ी देरी से शुरू हुआ। भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब और नाशपाती की कम खेप पहुंची। दो दिन पहले जहां मंडी में एक दिन में नौ से दस हजार सेब की पेटियां और पांच से छह हजार नाशपती की पेटियां पहुंचती थीं वहीं वीरवार को पांच हजार सेब और तीन हजार नाशपती की पेटियां पहुंचीं। आढ़तियों ने बताया कि ऊपरी शिमला में कुछ जगहों पर रोजाना बारिश हो रही है, जिससे बागवान फलों का तुड़ान नहीं कर पर रहे हैं। इससे भी मंडी में फलों की आपूर्ति घटी है। मंडी में रॉयल सेब 3 हजार से 3500 रुपये और नाशपाती 1000 से 1600 रुपये प्रति पेटी बिकी।