मेडिकल कॉलेज में हर माह लाखों की सरकारी दवाओं की खेप आती है। अस्पताल के डॉक्टरों ने इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके चलते मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को दवाओं की जांच करने का जिम्मा सौंपा। ड्रग इंस्पेक्टर ने सरकारी सप्लाई के स्टोर में जाकर दवाओं के सैंपल भरे।
दवा निरीक्षक ने सरकारी स्टोर से पिछले माह भी दवाओं के सैंपल भरे थे। उस दौरान भी एक सैंपल फेल हुआ था। इस माह भी एक सैंपल फेल पाया गया है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को ज्यादातर सरकारी सप्लाई से ही दवाइयां खाने को दी जाती हैं।
तीमारदार रोशन लाल, प्रेम लाल, हरी सिंह, योग राज, मनोज कुमार, राकेश, चंद राम और धर्मपाल ने स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि दवा कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी जेनेरिक दवाइयों के ही सैंपल फेल हो जाए तो मरीज कहां जाए।