खाने और प्रोटोकोल को लेकर हंगामा बढ़ने के बाद प्रशासन को महिला अफसर के खाने के लिए एक लाइजनिंग अफसर लगाना पड़ा। लाइजनिंग अफसर ने महिला अफसर के लिए खाने का मेन्यू बनाया। बाकायदा महिला अफसर को मेन्यू बताकर पसंद पूछी गई। तब जाकर महिला अफसर ने नाश्ते में पसंद का डोसा मंगवाया। उधर, महिला अफसर के आर्डर सुनकर कर्मचारियों के पसीने छूट रहे थे।
कर्मचारी ने बताया कि उन्हें ये भी टेंशन थी कि इस खाने का बिल कौन भरेगा। इन कर्मियों का कहना था कि रेस्ट हाउस में जिस खाने को मंत्री और अफसर खाते हैं, वैसा ही शुद्ध खाना अफसर को परोसा गया था जो उन्हें पसंद नहीं आया। अमर उजाला ने जब जिला प्रशासन से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया लेनी चाहिए तो कोई भी बोलने को तैयार नहीं हुआ।