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धर्मशाला: फर्नीचर, खिलौने और शिक्षा किट से संवरेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

Sat, 29 Aug 2026 11:54 AM IST
Krishan Singh सुरेंद्र कौर, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।

सार

आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यकता के अनुसार बेहतर फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके लिए सुपरवाइजर के माध्यम से प्रत्येक केंद्र की मांग पोर्टल पर अपलोड होगी। 
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आंगनबाड़ी केंद्र(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का जल्द ही कायाकल्प होगा। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पंखुड़ी पोर्टल शुरू किया है। केंद्रों में आवश्यकता के अनुसार बेहतर फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके लिए सुपरवाइजर के माध्यम से प्रत्येक केंद्र की मांग पोर्टल पर अपलोड होगी। इसके बाद कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) से जुड़े संस्थान, एनआरआई और गैर-सरकारी संगठन कायाकल्प के लिए फंड उपलब्ध करवाएंगे।

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नई व्यवस्था में आंगनबाड़ी केंद्र सीधे अपनी मांग पोर्टल पर दर्ज नहीं करेंगे। पर्यवेक्षक और सीडीपीओ निरीक्षण के दौरान केंद्रों में कुर्सियां, टेबल, पंखे, खिलौने, शिक्षा किट जैसी कमियों की सूची तैयार कर आईडी के जरिये पोर्टल पर भेजेंगे। इससे विभाग के पास प्रत्येक केंद्र की वास्तविक जरूरत का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। पंखुड़ी पोर्टल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाले सहयोग को एक मंच पर लाकर जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक पहुंचाना है।

विभाग का मानना है कि बुनियादी ढांचे में सुधार से केंद्रों में आने वाले बच्चों और महिलाओं को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और अन्य विभागीय गतिविधियां करवाने में आसानी होगी। पोर्टल पर मांग दर्ज होने के बाद जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

निदेशालय से पंखुड़ी पोर्टल पर मांगें अपलोड करने के निर्देश मिले हैं। सभी केंद्रों को अपनी मांग भेजने को कहा गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं सुपरवाइजर के माध्यम से मांग पोर्टल पर अपलोड करेंगी। इसके आंकड़े शिमला जाएंगे और उसी आधार पर बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा

 

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