प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में इस साल से 5वीं और 8वीं कक्षा में विद्यार्थियों के लिए पास होना जरूरी होगा। पहले असेसमेंट के आधार पर सभी छात्रों को पास कर दिया जाता था। इसके लिए सरकार ने प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (संशोधित) 2019 लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने कुछ समय पहले मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर फैसला लिया था। इसके बाद मंगलवार को शिक्षा विभाग ने संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत शीतकालीन स्कूलों की परीक्षा 31 दिसंबर और ग्रीष्मकालीन की 31 मार्च से पहले होंगी। परीक्षा से पहले इसी साल राज्य स्तरीय लर्निगिं आउटकम बेस्ड इवेल्युएशन सिस्टम को लागू किया जाएगा।
स्कूल के मुखिया इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि समेटिव असेसमेंट द्वितीय से पहले सेलेबस पूरा हो जाए। बच्चे जिस स्कूल में पढ़ रहे हैं, उसी स्कूल में बच्चों का परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। पास होने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे, जिन्हें ग्रेड से मार्क में बदलकर तय किया जाएगा। वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले बच्चों को 2 महीने बाद दोबारा मौका दिया जाएगा।