इस पर प्रबंध निदेशक ने भरोसा दिया कि गैर कानूनी तरीके से नौकरी से निकाले गए और ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाएगा। अन्य मांगों के समाधान के लिए 7 मार्च को एनएचएम प्रबंधन, यूनियन व मेडसवान कंपनी प्रबंधन के बीच शिमला में बैठक होगी। एमडी ने कहा कि कंपनी प्रबंधन को मांगों का समाधान करने का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों से कहा कि अगले टेंडर में श्रम कानूनों की पालना एवं कर्मचारियों के वेतन के संदर्भ में विस्तार से वर्णन किया जाएगा। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों ने चेताया कि जल्द मांगों को आश्वासन के अनुसार पूरा न किया गया, तो कर्मचारी निर्णायक आंदोलन पर उतरेंगे। प्रदर्शन में सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार व महासचिव बालक राम ने संबोधित किया। इन नेताओं ने कहा कि मुख्य नियोक्ता नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत मेडसवान फाउंडेशन के अधीन काम कर रहे सैकड़ों पायलट, कैप्टन व ईएमटी कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
कर्मचारियों को तय न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा। 12 घंटे ड्यूटी करवाने पर कोई ओवरटाइम नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजीएम कोर्ट शिमला व श्रम कार्यालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। आवाज उठाने वाले कर्मचारियों के तबादले किए जा रहे और उन्हें काम से बाहर किया जा रहा है। कर्मचारियों को कोई छुट्टियां नहीं मिलतीं, ईपीएफ व ईएसआई के क्रियान्वयन में भी भारी त्रुटियां हैं। ईपीएफ के दोनों शेयर कर्मचारियों से ही काटा जा रहा है, जिससे हर महीने दो हजार रुपये का चूना लगाया जा रहा है। कुल वेतन में मूल वेतन बेसिक सेलरी भी कम है। मेडसवान फाउंडेशन से पूर्व ये कर्मचारी जीवीके ईएमआरआई के पास कार्यरत थे। जीवीके ईएमआरआई से नौकरी से छंटनी अथवा सेवा समाप्ति पर इन कर्मचारियों को छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी, नोटिस पे व अन्य प्रकार के एरियर का भुगतान नहीं किया गया। इस तरह ये कर्मचारी शोषित हैं। यूनियन पदाधिकारियों ने न्यूनतम वेतन देने, ओवरटाइम देने, छुट्टियों का प्रावधान करने, गाड़ियों की मेंटेनेंस व इंश्योरेंस के दौरान कर्मचारियों का वेतन न काटने, पूरा वेतन देने, न्यायालय और श्रम को लागू करने और अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की।
कल से काम पर लौट जाएंगे एंबुलेंस सेवा कर्मचारी, छह मार्च को बैठक में बनेगी रणनीति
अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर गए प्रदेश भर के 108, 102 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा कर्मचारी हड़ताल के लिए तय की गई अवधि के पूरा होने पर मंगलवार सुबह आठ बजे से ड्यूटी पर लौट आएंगे । इससे प्रदेश भर के लोगों को राहत मिलेगी, मरीजों को इमरजेंसी में सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि 7 मार्च की बैठक से पहले छह मार्च को 108 एवं 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन की बैठक आयोजित होगी। बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। 7 मार्च की बैठक में यदि मांगों की अनदेखी होती है तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा कर दी जाएगी।