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समृद्धि संवाद: सरकारी की पहल और त्योहारी सीजन से चमकेगा कारोबार

Thu, 26 Sep 2019 11:03 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांगड़ा
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- फोटो : अमर उजाला
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कारोबार में मंदी जरूर आई, लेकिन आने वाला वक्त कारोबारियों के लिए स्वर्णिम है। त्योहार और सरकार की ओर से की गई कोशिशे उद्यमियों के लिए मुफीद साबित होंगी। हिमाचल में मंदी का असर है ही नहीं, मार्केट में खरीदारी पहले से ज्यादा बढ़ी है। हालांकि, छोटे कारोबारियों पर ऑनलाइन मार्केटिंग का थोड़ा असर जरूर पड़ा है। इसके लिए सरकार को छोटे कारोबारियों पर ध्यान देना पड़ेगा।  यह वैचारिक मंथन टंडन क्लब कांगड़ा में अमर उजाला की ओर से कारोबारियों के लिए आयोजित समृद्धि संवाद कार्यक्रम में हुआ। 

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बाजार में मंदी की आहट के मद्देनजर कारोबारियों के विचार जानने के लिए अमर उजाला ने सकारात्मक पहल करते हुए कांगड़ा में समृद्धि संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें कांगड़ा के कारोबारियों ने भाग लिया। कारोबारियों की जिज्ञासा को शांत करने के लिए कार्यक्रम में आबकारी एवं कराधान विभाग से डिप्टी कमिश्नर विजय सिंह डोगरा, आयकर विभाग से इन्कम टैक्स अफसर सुरेश कुमार और बैंकिंग क्षेत्र से केसीसी बैंक के जीएम सतवीर मन्हास ने बतौर मुख्य वक्ता भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक मंदी ज्यादा दिन नहीं रहने वाली। 

छोटे व्यापारियों के लिए कुछ करे सरकार
संवाद के दौरान कुछ व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग की वजह से उनके व्यापार को घाटा हो रहा है। मंदी कहीं नहीं है लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग की वजह से उन्हें जरूर घाटा हो रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार छोटे दुकानदारों के लिए कुछ जरूर करे। अधिकतर व्यापारियों ने आनलाइन शापिंग से बाजारों में छाई मंदी का कारण बताया। 
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ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष पं. वेद प्रकाश शर्मा, स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष अजय वर्मा, अशोक शर्मा, नरेंद्र त्रेहन, सुरेंद्र कुमार शर्मा, भूषण शर्मा, समीर बस्सी, शंकर गुप्ता, सुनील गुप्ता, मुन्ना शर्मा, नरेंद्र धीमान, विरेंद्र धीमान, संजीव गुप्ता, सुरेंद्र कुमार, विशाल कुमार, सुरेश कुमार, केसीसी बैंक के सीनियर मैनेजर ओपी मेहता, गुलजार सिंह आदि व्यापारियों ने हिस्सा लिया। मंच संचालन समाजसेवी एवं फोर्टिस अस्पताल के मैनेजर विजय कुमार ने किया। 

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- फोटो : अमर उजाला
छोटा व्यापारी जीएसटी प्रभाव से दूर : डोगरा
एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के डिप्टी कमिश्नर विनोद सिंह डोगरा ने कहा कि आजादी के बाद छोटे व्यापारी जीएसटी प्रभाव से दूर हुए हैं। आजादी के बाद सरकार ने मल्टीपल टैक्सिस पर रोक के लिए सिंगल टैक्स रिफार्म बनाया।

व्यापारी जरूर फाइल करें अपनी रिटर्न
आयकर अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि लोग अपनी आयकर रिटर्न जरूर फाइल करें। सरकार समय समय पर कई किस्म से सुधार कर रही है। सरकार ने साहसिक कदम उठाते हुए नोटबंदी का फैसला लिया। पैसा बैंक में चला गया। यह आर्थिक मंदी अस्थायी है। व्यापारी अपनी कमाई को बुक्स आफ अकाउंट्स में डालें।

युवा पीढ़ी नहीं आने देगी मंदी
केसीसी बैंक के जीएम सतवीर मन्हास ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी मंदी नहीं आने देगी। नोटबंदी से जो पैसा आया है वो व्यापारी वर्ग को सस्ते ऋण के रुप में मिला। नोटबंदी के बाद बैंकिग व्यवस्था को राहत देने के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने व्यापारियों से आह्वान किया कि वे एनपीए रिस्ट्रक्चरिंग का फायदा उठाएं।

ऋण सुविधा का हो सरलीकरण : वेद शर्मा
व्यापार मंडल अध्यक्ष पं. वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि आर्थिक मंदी इतनी ज्यादा नहीं है जितनी इसकी चर्चा होती है। हालांकि, संवाद न होने की वजह से व्यापारियों में कई भ्रांतियां रह जाती हैं जिनके लिए जागरूकता कार्यक्रम ज्यादा होने चाहिए। कारोबारियों के लिए बैंकिंग क्षेत्र को ऋण देने की प्रक्रिया सरल करनी चाहिए। यानी, दस्तावेज की संख्या कम होनी चाहिए। 

ऑनलाइन शॉपिंग से हो रहा नुकसान : अजय वर्मा
जिला स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि दुकानदार ईमानदारी से काम करता है। सरकार का भी सहयोग मिलता रहता है। बाजार में आर्थिक मंदी तो नहीं है लेकिन छोटे दुकानदार को ऑनलाइन शापिंग से जरूर नुकसान हो रहा है। हालांकि, बाजार में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। 

बैंकर्स करें सहयोग : नरेंद्र 
व्यापारी नरेंद्र त्रेहन ने कहा कि यदि बैंक ऋण सुविधाओं में दुकानदारों को सहयोग करे तो उन्हें राहत मिल सकती है। बैंकिंग क्षेत्र व्यापार को मुफीद बना सकता है। 

सोशल सिक्योरिटी मिलनी चाहिए : सुरेंद्र
वरिष्ठ व्यापारी सुरेंद्र शर्मा ने बाजार में आर्थिक मंदी कहीं नहीं है। बड़े स्तर पर व्यापार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निरंतर टैक्स भरने वाले की सोशल सिक्योरिटी नहीं है। सरकार कुछ ऐसे नियम बनाए जिससे व्यापारियों को उनके भविष्य को लेकर राहत महसूस हो।

लोकल दुकानदार चलाते हैं आर्थिकी
व्यापारी विशाल मेहरा ने कहा कि मॉल खोलने के लिए जनसंख्या और वहां के बाजार को भी देखा जाना चाहिए। आर्थिकी का सर्किल लोकल दुकानदार चलाते हैं।
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