ड्रोन में रखा जा रहा अमर उजाला।
- फोटो : Amar Ujala
शिमला के बल्देयां से ड्रोन अखबार लेकर उड़ा और सेब के बागान वाले इलाके कोटगढ़ में उतरा। बल्देयां से कोटगढ़ की दूरी 80 किलोमीटर है। यहां सड़क मार्ग से वाहन के जरिये अखबार पहुंचाने में चार घंटे लगते हैं। ड्रोन से मात्र बीस मिनट में अखबार कोटगढ़ पहुंच गया। जहां लोगों को दूध-ब्रेड तक नहीं मिले वहां जब उनको अमर उजाला अखबार मिला तो उनके चेहरे पर अजीब सी खुशी थी। यह पहली बार हुआ जब किसी पहाड़ी राज्य में ड्रोन से अखबार पहुंचाया गया।
टेक ईगल के संस्थापक और सीईओ विक्रम सिंह मीना ने बताया कि टेक ईगल नवाचार और कनेक्टिविटी की सीमाओं को आगे बढ़ा रहा है। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी का लाभ उठाकर वे इस तरह से दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाकर समाज को सशक्त बना रहे हैं।
उनका मिशन ऑन-डिमांड ड्रोन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाना है, जो वास्तव में लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। टेक ईगल के सह-संस्थापक अंशू अभिषेक ने कहा कि वे अमर उजाला के साथ परियोजना शुरू करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं। अन्य इलाकों और शहरों में भी यह सेवा प्रदान की जा सकती है।