तनिष्का ने बताया कि पापा की तबीयत खराब है, इसलिए अभिभावक उनके साथ समारोह में आने के लिए असमर्थ थे। परिजन अकेले शिमला जाने के लिए मना कर रहे थे। लेकिन सीएम के हाथों पुरस्कार पाने के लिए वह काफी उत्साहित थीं।
पापा के बीमार होने पर कांगड़ा जिले से तनिष्का अपनी मेधावी सहेली शिवांगी के साथ अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में पहुंची। तनिष्का ने बताया कि पापा की तबीयत खराब है, इसलिए अभिभावक उनके साथ समारोह में आने के लिए असमर्थ थे। परिजन अकेले शिमला जाने के लिए मना कर रहे थे। लेकिन सीएम के हाथों पुरस्कार पाने के लिए वह काफी उत्साहित थीं। तनिष्का ने कक्षा बारहवीं कला संकाय में प्रदेश में नौवां रैंक पाया है। पहली बार उन्हें ऐसे सम्मान से नवाजा जाना था। इसलिए वह यह मौका गंवाना नहीं चाहती थी। ऐसे में उन्हें पड़ोस की रिश्तेदार मेधावी शिवांगी की कार्यक्रम में जाने की जानकारी मिली।
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शिवांगी का कक्षा बारहवीं कला संकाय में दूसरा रैंक आया है। शिवांगी के पिता दुकानदार हैं। दोनों मेधावी बेटियाें को एक-दूसरे का साथ मिलने पर अभिभावकों ने उन्हें समारोह में जाने की मंजूरी दी। लेकिन उन्हें समारोह स्थल की जानकारी नहीं थी। तनिष्का ने बताया कि उन्हें शिमला पहुंचने में दस घंटे का समय लगा। शिमला पहुंचने के बाद उन्होंने लोगों से पूछकर और गूगल मैप की सहायता से समारोह स्थल की जानकारी ली और सम्मान लेनी पहुंचीं। अभिभावक बार-बार उन्हें फोन कर उनका हालचाल पूछ रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें सीएम के हाथों पुरस्कार पाकर बेहद खुशी हुई। सीएम के साथ फोटो खिंचवाकर उन्होंने अपने अभिभावकों को भेजी। अभिभावक भी फोटो देख फूले नहीं समाए।