जिला कुल्लू कोरोना की चौथी लहर से निपटने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया है। प्लान के तहत ही मरीजों का उपचार किया जाएगा। क्षेत्रीय अस्पताल समेत सभी पीएचसी, सीएचसी और सिविल अस्पतालों मेें सैंपलिंग की सुविधा मिलेगी। पॉजिटिव आने पर मरीज में कोरोना के लक्षणों को देखते हुए उपचार किया जाएगा। यदि संक्रमण के मरीज में लक्षण अधिक हैं तो उनका प्राथमिक उपचार सिविल अस्पताल में किया जाएगा। उसके उपरांत मरीज को डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र कुल्लू के लिए रेफर किया जाएगा। इस डीसीएचसी में 200 बिस्तरों की व्यवस्था कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए की गई है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान बचाने के लिए 21 वेंटिलेटर की सुविधा रहेगी।
गौरतलब है कि जिला कुल्लू में कोरोना के मामलों में भारी गिरावट आई है। तीसरी लहर की शुरूआत में जिले में एक हजार के आसपास मामले पहुंच गए थे, लेकिन मार्च माह में यह घटकर दस से कम रह गए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने की कोशिशें कर रहा है। रोजाना जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार और आनी में विभाग स्थानीय लोगों समेत कुल्लू घूमने आने वाले पर्यटकों के सैंपल ले रहा है। ओमिक्रॉन की जांच के लिए बाहर से आने वाले सभी लोगों व पर्यटकों के आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। उधर, इस संबंध में डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विकास डोगरा ने कहा कि वर्तमान में केंद्र में एक भी कोरोना मरीज उपचाराधीन नहीं है। मरीजों के उपचार की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
कुल्लू में योजना के तहत सैंपलिंग अभियान जारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए योजना के तहत सैंपलिंग अभियान जारी है। विभागीय टीमें निरंतर कोरोना की रोकथाम के लिए कार्य कर रही हैं। रोजाना 50 से 150 लोगों के अभी भी सैंपल लिए जा रहे हैं। पॉजिटिव मरीजों में कम लक्षण मिलने पर उनका उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक और संबंधित क्षेत्र की आशा वर्कर रोजाना मरीजों के स्वास्थ्य की फीडबैक ले रही है।
दो भागों में बांटा गया है स्वास्थ्य केंद्र
क्षेत्रीय अस्पताल में बनाए गए डेडिकेटेड कोविड स्वास्थ्य केंद्र को दो वार्डों में बांटा गया है। सारी वार्ड में 30 तथा कोविड में 170 बिस्तरों की व्यवस्था मरीजों के लिए की गई है। संक्रमण के अधिक लक्षणों वाले मरीजों का उपचार कोविड और संदिग्ध मरीजों का उपचार सारी वार्ड में होगा।