बहुचर्चित गुड़िया से दुराचार और हत्या मामले में शिमला पुलिस की ओर से गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत ने जमानत पर छोड़ दिया है। इसी मामले से जुड़े लॉकअप हत्याकांड में निलंबित आईजी समेत एसआईटी के सदस्य जेल में हैं।
मंगलवार को सत्र न्यायालय शिमला ने गुडि़या मामले के चार आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया। कोर्ट एक आरोपी आशीष चौहान को पहले ही 13 अक्तूबर को जमानत पर रिहा कर चुका है।
मंगलवार को सत्र न्यायाधीश शिमला की अदालत ने आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू, दीपक, लोकजन और सुभाष की जमानत को मंजूर कर लिया है। नब्बे दिन की अवधि में सीबीआई की ओर से कोर्ट में चालान पेश नहीं करने को कोर्ट ने जमानत का आधार बनाया है।
शिमला पुलिस ने 13 जुलाई को गुडि़या मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की लॉकअप में हत्या हो चुकी है। पुलिस ने ये कहानी बनाई थी कि इन्हीं आरोपियों ने दसवीं कक्षा की छात्रा से दुराचार किया।
हालांकि, सीबीआई ने मामले की जांच के आने के बाद इन तमाम आरोपियों को रिमांड पर लिया और बाद में इन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा गया। पुलिस कस्टडी में हुई सूरज की हत्या मामले में आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का गिरफ्तार किया गया। ये सभी आरोपी कंडा जेल में न्यायिक हिरासत पर हैं।