हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल और कॉलेजों में हर तरह के कार्यक्रम और सम्मेलनों के आयोजन पर रोक लगा दी है। ऐसा कोरोना वायरस के मद्देनजर किया गया है। एक ही स्थान पर अधिक लोग जमा न हों इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
हिमाचल के कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज में कोरोना के दो संदिग्ध मरीजों को दाखिल किया गया है। इनमें से एक यूएसए से है। इसे मैक्लोडगंज से लाया गया है। जबकि दूसरा मरीज नेपाल से है जो चामुंडा से आया है।
चिकित्सकों ने उपचार के दौरान इनके लक्षणों को भांपते हुए उन्हें तत्काल टीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर लिया गया है। दोनों मरीजों को चिकित्सकों की सघन निगरानी में रखा गया है।
राहत की बात यह है कि इनके खून के नमूने जांच के लिए पुणे नहीं भेजे जाएंगे। बल्कि टांडा में ही कोरोना वायरस के टेस्ट की सुविधा मिल जाएगी। शनिवार शाम तक इन दोनों की रिपोर्ट आ जाएगी।
बहरहाल दोनों का उपचार चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा। आइसोलेशन वार्ड के आसपास किसी को जाने की अनुमति नहीं है। एमएस डॉ. सुरेंद्र सिंह भारद्वाज ने बताया कि दो संदिग्ध मरीज लाए गए हैं। उनका उपचार चल रहा है। शनिवार शाम तक उनकी रिपोर्ट आ जाएगी
वहीं आईजीएमसी में भर्ती हांगकांग से लौटे संदिग्ध व्यक्ति की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। एहतियात के तौर पर उसे आब्जर्वेशन पर रखा है। सरकार ने संदिग्ध मरीज आईजीएमसी, टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने का फैसला लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने इसकी पुष्टि की है।