पशु निदेशालय के उपनिदेशक से पद भरने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पशु औषधालय पाहल में सभी पद खाली पड़े हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। करीब 2500 की आबादी वाली इस पंचायत के 15 से 20 गांवों के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। इस समस्या को पंचायत प्रधान और उपप्रधान ने शनिवार को पशु निदेशालय के उपनिदेशक संदीप मिश्रा के समक्ष उठाते हुए रिक्त पदों को भरने की मांग रखी।
पंचायत प्रधान गिरीश शर्मा और उपप्रधान राज शर्मा इस समस्या को लेकर बालूगंज स्थित पशु निदेशालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने औषधालय में कर्मचारियों की कमी के कारण ग्रामीणों को पेश आ रही समस्याओं को उपनिदेशक के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि औषधालय में न तो डॉक्टर और फार्मासिस्ट है, न कंपाउंडर और न ही कोई अन्य सहायक कर्मचारी। इसकी वजह से गांव में लंबे समय से पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि यदि कभी रोटेशन के आधार पर किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगती भी है तो औषधालय का द्वार नियमित रूप से ग्रामीणों के लिए नहीं खुलता। ग्रामीणों को अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं मिल पा रही है। आपात स्थिति में उन्हें पशुओं को उपचार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में ले जाना पड़ता है। डॉक्टर और अन्य स्टाफ न होने के कारण पशुओं की जान को भी खतरा बना रहता है। पंचायत प्रधान ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। पशुधन पर निर्भर किसानों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है और इससे पशुओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने उपनिदेशक से सरकार के समक्ष मामला उठाकर पशु औषधालय में जल्द से जल्द कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की। इस पर पशु निदेशालय के उपनिदेशक संदीप मिश्रा ने कहा कि स्टाफ की कमी के चलते समस्या आ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वहां बीच-बीच में डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी और समस्या का स्थायी समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।