कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण कार्य में भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर ने टनल-4 टिहरा के समीप मौजा मल्यावर के खसरा-730 में बड़ा बदलाव हुआ है। इसकी वजह से अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट ही बदल दी गई। इसकी पुष्टि इकाई के तहसीलदार तथा भू-अर्जन अधिकारी एसी टू डीसी बिलासपुर ने आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में दी है।
बिलासपुर उपायुक्त राजेश्वर गोयल के निर्देशों पर एसडीएम घुमारवीं की अध्यक्षता में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में बदलाव की जांच कर रहे तहसीलदार घुमारवीं ने उक्त इकाई के भू-अर्जन अधिकारी से टिप्पणी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट प्लान की बराबरी इंतकाल के ततीमा से नहीं की जा सकती है। अलाइनमेंट प्लान में कुछ खसरा नंबर ऐसे हैं, जिनका भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण प्लान बनाया ही नहीं है।
वहीं, जो प्लान उक्त इकाई ने जांच कमेटी को सौंपा है, उस प्लान की चौड़ाई कम दर्शाई है मसलन फुल स्केल में नहीं है और करूकान भी दर्ज नहीं है। इन सभी का जवाब एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के तहसीलदार अजीत कुमार ने 24 जुलाई को पत्र संख्या एलएओ(विभूअई)राउमा/2019-522 में दिया है। इसमें उक्त इकाई के तहसीलदार ने स्वयं पुष्टि की है। बताया गया है कि तहसीलदार घुमारवीं ने जो टिप्पणी मांगी थी वह सही है। कहा कि खसरा-730 में टनल को सीधा करने के लिए प्लान को बदला है।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना बदला प्लान : समिति
विस्थापित एवं प्रभावित समिति फोरलेन के पदाधिकारियों महासचिव मदल लाल शर्मा, उप प्रधान अशोक कुमार, राकेश कुमार, चिंता देवी, सदस्य बलदेव शर्मा, सीता राम, सेवानिवृत्त अध्यापक जगत राम शर्मा आदि ने कहा है कि रोड अलाइनमेंट प्लान बदलने के लिए केंद्र की मंजूरी नहीं ली गई, जिसमें मौजा धराड़सानी के खसरा-105,106 बैहना जट्टा के हनुमान टिल्ला, मौजा बागठेड़ू आदि कई जगह ऐसी हैं, जहां प्लान की जांच होनी जरूरी है, ताकि निर्माण कार्य को बिना गड़बड़ी के पूरा किया जा सके।