जिला किन्नौर के चोलिंग में भारी भू-स्खलन के कारण सतलुज नदी का बहाव रुक गया है। इससे सतलुज नदी में कृत्रिम झील बन गई है। इस झील के कारण सतलुज किनारे के लोगों को खतरा पैदा हो गया है। जिला प्रशासन ने किसी भी समय झील टूटने की आशंका जताते हुए टापरी से लेकर सुन्नी तक हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि झील टूटने से किसी भी समय सतलुज का जल स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में सतलुज के आसपास रहने वाले तमाम लोग सावधानी बरतें। लोगों को नदी किनारे नहीं जाने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने इसकी सूचना प्रदेश सरकार को भी दे दी है।
किन्नौर के उरनी ढांक के बाद अब रिकांगपिओ से करीब 50 किलामीटर दूर टापरी के पास चोलिंग में सोमवार रात को फिर भारी भू स्खलन हुआ है। इससे सतलुज का बहाव रुकने से एक कृत्रिम झील बन गई है। इस झील से रुक-रुककर पानी निकल रहा है। झील का आकार लगातार बढ़ रहा है। सूचना मिलने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।
झील को तोड़ने के लिए इलाके में बिजली परियोजनाएं बना रहीं कंपनियों की मदद ली जा रही है। यदि यह झील स्वयं टूटती है तो इससे सतलुज में बाढ़ आ सकती है। इससे लोगों के लिए खतरा बन गया है। बता दें कि चोलिंग में पिछले कई दिनों से पहाड़ दरक रहा है।
एसडीएम रामपुर दलीप नेगी ने बताया कि झील टूटने के संभावित खतरे के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया है। सतलुज के किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। झील तोड़ने के लिए मंगलवार को प्रोजेक्ट बना रही कंपनियों की भी मदद ली जाएगी।