डीआर गुप्ता ने बताया कि क्वीनग्हे-तिब्बत ट्रेन में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने को दो तरह के सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। एक मुख्य नियंत्रण से होता है, जिसमें पूरे कोच में ऑक्सीजन के मानक स्तर को बनाए रखता है। दूसरा प्रत्येक यात्री के लिए ऑक्सीजन पोर्ट होता है। जब भी यात्री असहज महसूस करते हैं तो इसका इस्तेमाल करते हैं।
बिलासपुर-मनाली-लेह ट्रैक
465 किमी का होगा पूरा ट्रैक
5,360 मीटर समुद्र तल से ऊंचाई
83,360 करोड़ रुपये खर्च होंगे प्रोजेक्ट पर
इन इलाकों से होकर गुजरेगी लाइन
लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद यह बिलासपुर और लेह के बीच कई अहम जगहों को जोड़ेगी। यह लाइन हिमाचल के बिलासपुर, सुंदरनगर, मंडी, मनाली, केलांग, कोकसर, दारचा, उपशी और कारू के अलावा जम्मू कश्मीर के कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
74 सुरंग और 124 बड़े ब्रिज बनेंगे
पहले चरण के सर्वे के मुताबिक, बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन पर 74 सुरंग, 124 बड़े ब्रिज और 396 छोटे ब्रिज का निर्माण किया जाना है। हालांकि, परियोजना का अंतिम लोकेशन सर्वे अभी चल रहा है।