कालका से सुबह 11:30 बजे रवाना हुआ था कोच
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर वीरवार को एयर ब्रेकिंग कोच का अप ट्रायल हुआ। इस दौरान ट्रेन में ब्रेक और प्रेशर की बारीकियां जांची गईं। उत्तर रेलवे की ओर से स्वदेशी रूप से विकसित एयर ब्रेक सिस्टम से लैस नैरो गेज कोचों को अधिकारिक तौर पर सेवा में शामिल किया है।
इसके लिए 13 फरवरी 2026 को पहली बार पहली बार स्वदेशी एयर ब्रेक कोच सेवा शुरू की थी।
यह ट्रेन शुक्रवार को कालका से शिमला सात कोचों के साथ चार घंटे 20 मिनट में पहुंची। एयर ब्रेक कोच कालका से शिमला के लिए सुबह करीब 11:30 बजे रवाना हुई। यह ट्रेन शाम 4:20 बजे शिमला पहुंची। आयोजित ट्रायल में टीम ने चढ़ाई में भार क्षमता की जांच की। इसके साथ जनरेटर चलाकर बिजली की सप्लाई को भी देखा। इस दौरान यह ट्रायल सफल रहा। नया एयर ब्रेक सिस्टम पुराने वैक्यूम ब्रेक सिस्टम की तुलना में बेहतर ब्रेकिंग नियंत्रण और दक्षता प्रदान करता है। एयर ब्रेक सिस्टम को स्थानीय स्तर पर डिजाइन और एकीकृत किया है जो आत्मनिर्भर भारत के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन कोचों में संशोधित बोगियों और ट्रॉलियों का उपयोग किया है जिन्हें कड़े सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया है। यह हिमालयी क्षेत्र की खड़ी ढलानों और तीखे मोड़ों के लिए जरूरी है।