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प्रदेश के लोगों को जल्द मिलेगा ये तोहफा, मुफ्त में दी जाएगी सेवा

Mon, 19 Feb 2018 01:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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हिमाचल प्रदेश में स्विट्जरलैंड की गैर सरकारी संस्था हेली मिशन गंभीर मरीजों को अस्पताल तक लिफ्ट करेगी। इस संस्था की ओर से यह सेवा मुफ्त में दी जाएगी। इससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

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राज्य सरकार का स्वास्थ्य महकमा इस संस्था से एक करार करने जा रहा है। हालांकि, करार के बाद इस काम के लिए हिमाचल को फिलहाल एक हेलीकॉप्टर ही मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि इस योजना को जल्दी शुरू किया जाएगा।

हेली मिशन संस्था दक्षिणी अफ्रीका, इंडोनेशिया जैसे देशों में भी अपनी सेवाएं दे रही है। मिशन के अधिकारी एयर एंबुलेंस की सुविधा देने पर सहमत होने से पहले भौगोलिक और अन्य स्थितियों का मुआयना करने हिमाचल के कई दौरे कर चुके हैं।
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फिलहाल एक एयर एंबुलेंस देने पर ही बात बनी है। इसका एयर बेस भुंतर में बनाने पर विचार हो रहा है। इस सेवा के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित होगा।

इस नियंत्रण कक्ष में कॉल आते ही ये संस्था रोगी की पूरी तरह से जानकारी ले लेगी और मामले की संवेदनशीलता को भांपने के बाद अपना हेलीकॉप्टर मरीज के नजदीकी हेलीपैड तक पहुंच जाएगा। मरीज को उठाकर संबंधित अस्पताल के निकटवर्ती हेलीपैड लाया जाएगा।

पीजीआई तक मरीजों को पहुंचाने का हो सकता है करार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा है कि पीजीआई तक मरीजों को पहुंचाने को लेकर भी बजट में करार हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस योजना का दायरा पूरे प्रदेश का होगा।

शुरू में इसका एयर बेस भुंतर में रखा जाएगा। बाद में इसे मनाली से भी शुरू कर सकते हैं। सरकार ने इस योजना को अपने 100 दिन के लक्ष्य के तहत शुरू करने का बीड़ा उठाया है। करार जल्द होगा।

अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ रहे दुर्गम इलाकों के मरीज
हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थितियां बहुत विकट हैं। यहां के कई दुर्गम इलाकों से अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज दम तोड़ देते हैं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रोगियों को अस्पताल तक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं।

प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी शिमला तक रोगियों को पहुंचाना हो तो राज्य के कई कोनों से 12 से 15 घंटे भी लग सकते हैं। यही हालत दूसरे अस्पतालों की है।

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