एम्स बिलासपुर देश के सबसे जहरीले सांपों के जहर का असरदार तोड़ (एंटीवेनम) विकसित करने के लिए विशेष शोध परियोजना पर काम शुरू करने जा रहा है। एम्स के जैव रसायन विभाग में देश के बिग फोर सांपों के जहर में मौजूद बहुआयामी विषैले टॉक्सिन को लक्ष्य कर नई रिकॉम्बिनेंट पॉलीवैलेंट एंटीवेनम विकसित करने की दिशा में अध्ययन होगा। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने शोध परियोजना को मंजूरी दी है। परियोजना का आधिकारिक नाम डेवलपमेंट ऑफ न्यू रिकॉम्बिनेंट पॉलीवैलेंट एंटीवेनम टारगेटिंग मल्टीफंक्शनल टॉक्सिन्स ऑफ द बिग फोर इंडियन स्नेक्स है।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुराग सांख्यान हैं। शोध परियोजना में बिग फोर भारतीय सांपों के जहर में मौजूद विभिन्न विषैले घटकों का अध्ययन किया जाएगा। विशेष रूप से बहुआयामी विषैले टॉक्सिन पर ध्यान दिया जाएगा। परियोजना के तहत रिकॉम्बिनेंट तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पॉलीवैलेंट एंटीवेनम विकसित करने की संभावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन होगा।
सांप के जहर में अलग-अलग प्रकार के विषैले घटक पाए जाते हैं, जो शरीर पर विभिन्न प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में कई विषैले घटकों को लक्ष्य करने वाली एंटीवेनम विकसित करने की दिशा में होने वाला शोध सांप के काटने के उपचार के क्षेत्र में नई वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करा सकता है। परियोजना में प्रयोगशाला आधारित आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
अधिसूचना में पीसीआर, एलिसा, कोशिका संवर्धन और जीवाणु संवर्धन जैसी तकनीकों में व्यावहारिक अनुभव को वांछनीय योग्यता में शामिल किया गया है। इसके अलावा आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और प्रबंधन और रिपोर्ट लेखन की क्षमता को भी प्राथमिकता दी जाएगी। भारत में बिग फोर के नाम से चार प्रमुख विषैले सांपों को जाना जाता है। इनमें कोबरा, सामान्य करैत, रसेल्स वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। हालांकि एम्स बिलासपुर की ओर से जारी अधिसूचना में इन चारों सांपों के नाम अलग-अलग नहीं दिए गए हैं। परियोजना के आधिकारिक नाम में सामूहिक रूप से ‘बिग फोर’ भारतीय सांपों का उल्लेख किया गया है।
परियोजना का केंद्र नई रिकॉम्बिनेंट पॉलीवैलेंट एंटीवेनम विकसित करने की दिशा में शोध करना है। इसके तहत सांप के जहर में मौजूद बहुआयामी विषैले टॉक्सिन और उन्हें लक्ष्य करने की रणनीति का अध्ययन किया जाएगा। शोध से अधिक लक्षित एंटीवेनम विकसित करने की दिशा में आधार तैयार होने की उम्मीद है।