अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लोकसभा चुनाव 2019 चुनाव घोषणा पत्र कमेटी के सदस्य सचिन राव कहा कि लोगों के बीच में जाकर समस्याओं को जान रहे हैं। ताकि, इनको पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में शामिल किया जाए।
हाईकमान ने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि चारदिवारी में बैठकर चुनाव घोषणा पत्र तैयार न किया जाए। एआईसीसी चुनाव घोषणा कमेटी के सदस्य सचिव राव शुक्रवार को पंचायती राज विभाग से जुड़े पंचायती राज प्रतिनिधियों की अहम बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
इस दौरान प्रदेश भर से करीब तीन सौ प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। इस बैठक में पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित अन्य पदाधिकारी और नेता भी मौजूद रहे।
राव ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र कमेटी के करीब 25 सदस्य बनाए गए हैं और घोषणा पत्र तैयार होने से पहले प्रदेश में जानकर लोगों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं ताकि उनको चुनाव घोषणा पत्र में शामिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज प्रतिनिधियों ने सबसे बड़ा मुद्दा यही उठाया है कि पंचायती राज संस्थाओं के वित्तीय और अन्य अधिकारों को छीना गया है। आज ये संस्थाएं वित्तीय शक्तियों के काम कर रही हैं। इससे गांवों के विकास पर भी विपरीत असर पड़ा है।
ज्वलंत मसलों को कांग्रेस चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेंगे। पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर कर दिया है। प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि संविधान के 74 वें और 75 वें संशोधन को सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पंचायती राज विभाग के संयोजक दीपक राठौर ने कहा कि करीब 625 पंचायतों में जाकर लोगों से बात करने पर सामने आया है कि पंचायती राज संस्थाओं को पूरे अधिकार नहीं दिए गए।