दोनों सब्जियों की नई किस्मों की यह है खासियत
एआईसीआरपी (सब्जी फसल) के सोलन केंद्र में प्रजनक और प्रधान अन्वेषक डॉ. रमेश कुमार भारद्वाज और अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान ने बताया कि गाजर की किस्म सोलन श्रेष्ठ लंबी, आकर्षक, नारंगी रंग की स्व-कोर वाली बेलनाकार जड़ों के लिए जानी जाती है। यह जल्दी तैयार हो जाती है, बिना बालों वाली जड़ें और मुलायम होती है। कैरोटीन से भरपूर होती है। सोलन श्रेष्ठ आम बीमारियों और कीटों के प्रति प्रतिरोधी है। इसकी जड़ का औसत वजन 255-265 ग्राम है, जिससे 225-275 क्विंटल प्रति हेक्टेयर विपणन योग्य उपज प्राप्त होती है। इसी प्रकार, फ्रांस बीन की किस्म लक्ष्मी प्रति नोड 2-3 लंबी, आकर्षक, बिना डोरी वाली हरी फलियां पैदा करती है, जो 65-70 दिनों में पक जाती है। यह 150-200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उच्च विपणन योग्य उपज प्रदान करती है, जिसमें परिपक्व बीज हल्के पीले रंग की पट्टियों के साथ सफेद होते हैं।