कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने के लिए आवेदन करने वाले किसानों की संख्या अधिक होने पर अब लाभार्थियों का चयन लॉटरी से किया जा रहा है। किसान आवेदन करने के बाद भी सब्सिडी का हकदार तभी होगा, जब पोर्टल पर होने वाली लॉटरी प्रक्रिया में उसका नाम चयनित होगा। इसे लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि सब्सिडी के लिए आवेदन करने के बाद लाभ मिलना किस्मत पर निर्भर हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत एक किसान एक वर्ष में अधिकतम दो कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पांच वर्ष तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसानों का सवाल है कि यदि आवेदन करने के बाद लॉटरी में नाम नहीं आया तो उन्हें योजना का लाभ कब मिलेगा। कृषि विभाग के अनुसार पहले सब्सिडी का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाता था।