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हिमाचल प्रदेश: कृषि उपकरणों पर सब्सिडी अब लॉटरी के भरोसे, आवेदन करने के बाद भी नहीं पक्का लाभ; किसान नाराज

Mon, 07 Sep 2026 10:16 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Himachal Agriculture Subsidy: हिमाचल में कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने वाले किसानों के लिए व्यवस्था बदल गई है। अब आवेदन करने के बाद सब्सिडी मिलना तय नहीं होगा। यदि किसी उपकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन आते हैं तो कृषि विभाग पोर्टल के माध्यम से लॉटरी निकालकर लाभार्थियों का चयन करेगा।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने के लिए आवेदन करने वाले किसानों की संख्या अधिक होने पर अब लाभार्थियों का चयन लॉटरी से किया जा रहा है। किसान आवेदन करने के बाद भी सब्सिडी का हकदार तभी होगा, जब पोर्टल पर होने वाली लॉटरी प्रक्रिया में उसका नाम चयनित होगा। इसे लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि सब्सिडी के लिए आवेदन करने के बाद लाभ मिलना किस्मत पर निर्भर हो गया है। 

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अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत एक किसान एक वर्ष में अधिकतम दो कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पांच वर्ष तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसानों का सवाल है कि यदि आवेदन करने के बाद लॉटरी में नाम नहीं आया तो उन्हें योजना का लाभ कब मिलेगा। कृषि विभाग के अनुसार पहले सब्सिडी का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाता था।

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आवेदन अधिक होने और उपलब्ध लक्ष्य सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन लंबित रह जाते थे। कई किसानों को लंबे समय तक सब्सिडी नहीं मिल पाती थी। अब इस समस्या से निपटने के लिए आवेदन की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है। विभाग के अनुसार इससे उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार आवेदकों में से चयन करने में सुविधा होगी और पुराने लंबित आवेदनों की समस्या भी कम होगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार जब किसी कृषि उपकरण के लिए सब्सिडी का विकल्प पोर्टल पर खोला जाता है तो किसानों को आवेदन करने के लिए तय समय दिया जाता है। इस अवधि में प्राप्त सभी आवेदनों में से पोर्टल के माध्यम से लॉटरी से लाभार्थियों का चयन किया जाता है। लॉटरी में चयन होने के बाद ही संबंधित किसान को सब्सिडी के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिलता है। यानी आवेदन करने मात्र  से सब्सिडी तुरंत मिलना सुनिश्चित नहीं होता।

संयुक्त किसान मंच के संयोजग हरीश चौहान ने कहा कि लॉटरी सिस्टम बिल्कुल गलत है।यह चाहे केंद्र सरकार की योजना हो या राज्य सरकार की हो। यह गलत स्कीम है। उन्होंने कहा कि किसान जो पहले उपकरण ले लेता है, उसका क्या कसूर है। 
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