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Shimla News: टमाटर के बाद शिमला मिर्च के दामों ने किसानों को किया निराश

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ढली सब्जी मंडी में 15 से 27 रुपये प्रति किलो तक बिकी
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हर सब्जी मंडी में पहुंच रही 800 से 1000 बोरियां

बंदगोभी 10 से 20 रुपये और खीरा 7 से 10 रुपये प्रति किलो बिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के किसानों के लिए सब्जियों का सीजन निराशाजनक रहा है। इस बार किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। टमाटर के बाद शिमला मिर्च के दामों ने भी किसानों को निराश किया है।
किसानों को ढली सब्जी मंडी में काफी कम दाम मिल रहे हैं। शुक्रवार को ढली सब्जी मंडी में शिमला मिर्च 15 रुपये से लेकर 27 रुपये प्रति किलो तक बिकी है।
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इससे पहले टमाटर भी दस से बीस रुपये किलो तक बिका है। आढ़तियों के अनुसार मंडी में बाहरी राज्यों से शिमला मिर्च की मांग कम आ रही है। बड़ी मात्रा में महाराष्ट्र और यूपी की शिमला मिर्च बाजारों में आ रही है। इस कारण हिमाचल की शिमला मिर्च की मांग कम हुई है। मांग कम होने के कारण दाम भी कम मिल रहे हैं। आढ़तियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी दाम में उछाल आने की कम संभावना है। मंडी में रोजाना शिमला मिर्च की 800 से 1000 बोरियां आ रही हैं। वहीं मंडी में फ्रेंचबीन, पहाड़ी आलू, हाईब्रिड खीरा और बंदगोभी का सीजन भी चल रहा है। मंडी में फ्रेंचबीन 40 से 60 रुपये, पहाड़ी आलू 5 से 20 रुपये, बंदगोभी 10 से 20 रुपये और खीरा 7 से 10 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। आढ़तियों के अनुसार फ्रेंचबीन को छोड़कर सभी सब्जियों के दाम औसत से कम चल रहे हैं। वहीं नालदेरा निवासी जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार किसानों के लिए मानसून मौसम निराशाजनक रहा है। सब्जी उत्पादकों को दोहरी मार पड़ी है। इससे पहले किसानों को टमाटर के दाम नहीं मिले। वहीं अब शिमला मिर्च के दाम भी नहीं मिल रहे हैं। कम दामों ने आगामी सीजन को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ढली सब्जी मंडी के सब्जी आढ़ती दिनेश ठाकुर ने बताया कि शिमला मिर्च के दाम काफी कम चल रहे हैं। इसकी मुख्य वजह बाहरी राज्यों में मांग कम होना है। बाजारों में अन्य राज्यों की सब्जियां आ रही हैं। इसके कारण मांग कम हुई है और दाम भी गिर गए हैं।
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