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Himalayan Ibex: लाहौल स्पिति के बाद चंबा के जंगलों में भी दिखने लगे हिमालयन आईबैक्स के झुंड

Thu, 20 Jun 2024 05:29 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा

सार

अवैध शिकार के चलते हिमालयन आईबैक्स की संख्या में कमी आ रही थी, लेकिन अब चंबा के वन्य प्राणी अभ्यारण्य क्षेत्र कुगति की बनखार धार में भी हिमालयन आईबैक्स के बड़े झुंड दिखाई देने लगे हैं।
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हिमालयन आईबैक्स का झुंड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लाहौल स्पिति के बाद अब चंबा के वन्य प्राणी अभ्यारण्य क्षेत्र कुगति की बनखार धार में भी हिमालयन आईबैक्स के बड़े झुंड दिखाई देने लगे हैं। हाल ही में वन्य प्राणी विभाग की टीम ने कुगति में वन्य जीवों का सर्वे किया था। इस दौरान जब विभाग की टीम कुगति की बनखार धार में पहुंची तो वहां पर उन्हें घास चरते हुए हिमालयन आईबैक्स के झुंड दिखाई दिए।

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आमतौर पर ये आईबैक्स ऊंचे पहाड़ों व चट्टानों में दिखाई देते हैं, लेकिन सर्वे करने वाली टीम को धार में हरे मैदानों में घास चरते हुए ये झुंड दिखाई दिऐ। इससे पहले सर्वे टीम दुर्लभ प्रजाति के कस्तूरी मृग और भूरा भालू को भी अपने कैमरों में कैद कर चुकी है। ऐसे में हिमालयन आईबैक्स के झुंड इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि चंबा के जंगलों में वन्य जीव किस प्रकार से फल फूल रहे हैं।

अवैध शिकार के चलते इन वन्य जीवों की संख्या में कमी आ रही थी, लेकिन वन्य प्राणी विभाग ने कुछ समय से चंबा में अवैध शिकार पर पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। इसके चलते वन्य प्राणी क्षेत्रों में जाने वाले किसी भी अंजान व्यक्ति को जाने से रोका जा रहा है। खासतौर पर हथियार लेकर जाने वालों पर विभागीय कर्मचारियों ने अपनी पैनी नजर रखी है। इसके चलते सर्दी के मौसम में इन वन्य जीवों का अवैध शिकार कम देखने को मिला। अन्यथा बर्फ गिरते ही अवैध शिकारी अपनी बंदूकें लेकर जंगलों की तरफ निकल जाते थे, लेकिन इस बार वन्य प्राणी विभाग ने सर्दियों के दौरान वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर पूरी मुस्तैदी रखी।
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वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ कुलदीप जम्वाल ने बताया कि कुगति की धारों में सर्वे के दौरान हिमालयन आईबैक्स के झुंड मिले हैं। आने वाले समय में इन वन्य जीवों की संख्या में और भी ज्यादा वृद्धि होगी। इनके संरक्षण को लेकर विभाग योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है।

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