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Shimla News: एचपीयू की सख्ती के बाद 18 बीएड कॉलेज ने जमा की फीस

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सीट आवंटन पर विवि जल्द लेगा फैसला
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कई सालों से कुछ बीएड कॉलेज नहीं दे रहे संबद्धता फीस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला को वर्ष 2015 से संबद्धता और निरीक्षण फीस अदा न करने वाले निजी बीएड कॉलेजों के तेवर अब नरम पड़ने लगे हैं। फीस जमा न करने वाले बीएड कॉलेजों को इस बार अभी तक एचपीयू ने सीटें आवंटित नहीं की हैं। इसके बाद 18 निजी बीएड कॉलेजों ने शनिवार को बकाया फीस के चेक जमा करवा दिए हैं। विवि की एकेडमिक ब्रांच ने इसकी पुष्टि की है।
चार किस्तों में बनाए गए इन चेकों को विवि की एकेडमिक ब्रांच में निजी बीएड कॉलेजों के कर्मचारी जमा करवाने के लिए शनिवार को चक्कर काटते नजर आए। कॉलेजों से पोस्ट डेटिड चेक लिए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने पहले ही साफ कर दिया है कि 7 अगस्त से शुरू हो रही ऑनलाइन काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में सिर्फ वही कॉलेज शामिल किए जाएंगे जिन्होंने फीस अदा की है।
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विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कॉलेज विकास कमेटी प्रो. हरी मोहन ने माना कि करीब 18 कॉलेजों ने फीस के चेक दिए हैं। 26 डिफाल्टर कॉलेजों को बीएड कॉलेज प्रबंधक संघ के पदाधिकारियों के साथ कुलपति प्रो. महावीर वर्मा और विवि के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कॉलेजों के आग्रह पर फीस जमा करवाने के लिए मौका दिया है। डीन सीडीसी प्रो. हरी मोहन ने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया के शुरू होने से पूर्व कुलपति को फीस जमा करवा चुके कॉलेजों की पूरी जानकारी दिए जाने के बाद तय होगा कि कितने निजी बीएड कॉलेजों को सीटें आवंटन की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
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विवि से संबद्ध हैं 56 बीएड संस्थान
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से 56 बीएड कॉलेजों ने संबद्धता प्राप्त की है। इनमें से 28 ने 2015 के बाद से बढ़ी हुई संबद्धता और निरीक्षण फीस पहले ही जमा करवा दी थी। दो सरकारी कॉलेजों की भी फीस आ चुकी है। 26 कॉलेज डिफाल्टर थे। अब इनमें से 18 के फीस जमा करवा दी है। उन्होंने कितनी फीस जमा करवाई है इसकी स्थिति आगामी बैठक में ही सामने रखी जाएगी। शेष बचे डिफाल्टर कॉलेजों का क्या होगा, वह काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल होंगे या नहीं इसको लेकर विश्वविद्यालय जल्द फैसला ले लेगा।
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