दुराचार के आरोप में जेल में बंद आसाराम के कुंजा मतरालियों आश्रम का कब्जा वापस हो गया है। राहत एवं पुर्नवास विभाग शिमला की टीम ने इस आश्रम को 2013 में सीज किया था। पांवटा के कुंजा मतरालियों स्थित आसा राम के आश्रम प्रभारी सुंदर भाई का कहना है कि सत्य की जीत है। करीब डेढ़ वर्ष तक आश्रम व भूमि को वापिस पाने के लिए उन्होंने संघर्ष किया।
वर्ष 2003 में धारा-118 समेत सभी नियम कानून को पूराकर जमीन ली गई थी। इस दौरान सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया था। अगर कोई गलती थी, तो रेवेन्यू विभाग की रही होगी।
लेकिन सितंबर 2013 को प्रदेश सरकार व राहत एवं पुर्नवास टीम ने आश्रम व जमीन को कब्जे में ले लिया था। पांवटा का आश्रम करीब 22 बीघा भूमि पर फैला हुआ है।
सहयोगियों को दी बधाई
इसमें से टीम ने साढ़े 14 बिघा भूमि व आश्रम को सीज कर दिया था। बापू जी के आर्शीवाद से आखिरकार सत्य की ही जीत हुई है। इसके लिए सभी सहयोग करने वाले साथियों को बधाई देते है।
आसा राम बापू के भक्तों ओम प्रकाश पाल, निर्मल सिंह, केवी अग्रवाल, मनीष कुमार, नरेश अग्रवाल, सतपाल सिंह, अजय बंसल, अनिल दीक्षित, कमलेश शर्मा, सुभाष मितल, मंगेश, आरडी शर्मा व प्रवीन गर्ग ने कहा कि सत्य की विजय हुई है।
इसके लिए आश्रम प्रभारी सुंदर भाई की टीम ने लड़ाई लड़ी है। अब कब्जा मिलने पर कुटिया, आश्रम परिसर में फिर से दरवाजे लगाकर परिसर में सफाई भी करवा दी गई है। आश्रम सत्संग एवं लंगर भवन हॉल में सैंकड़ों श्रद्धालुओं को साथ मंगलवार को फिर से रौनक लौट आई।