अगर भविष्य में कोई शिक्षक ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय को भेजे पत्र में शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्री प्राइमरी में बच्चों को भेजना या नहीं भेजना उनके अभिभावकों पर निर्भर है।
स्कूल जबरदस्ती या कोई प्रलोभन देकर बच्चों का दाखिला करवाने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ शिक्षा विभाग की कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में ही जाने चाहिएं।