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अफसरशाही की नूराकुश्ती के बीच भंग हुआ प्रशासनिक ट्रिब्यूनल

Thu, 04 Jul 2019 01:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिूब्यूनल अफसशाही की नूराकु श्ती और कर्मचारियों की खींचतान के बीच आखिर भंग हो ही गया। इसे बंद करने के लिए सरकार पर चौतरफा दबाव अधिक बढ़ गया था। अधिकारियोें का एक धड़ा इसे बरकरार रखने के पक्ष में नहीं था, जबकि कुछ अधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों का एक वर्ग इसे बनाए रखने के पक्ष में था। 

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ट्रिब्यूनल में दो प्रशासनिक सदस्यों के पद पिछले लंबे अरसे से खाली चल रहे थे। सदस्य बनने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों में होड़ मच गई थी। दो पूर्व मुख्य सचिव तक इसके लिए आवेदन कर चुके थे। बार-बार इन पदों को विज्ञापित किया जाता रहा, मगर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों समेत तमाम आवेदनों पर फैसला नहीं हो पाया।

माना जा रहा है कि राज्य की मौजूदा सरकार में प्रभावपूर्ण पदों पर बैठे कुछ अधिकारी ही इसे बरकरार रखने के पक्ष में नहीं थे। इसके लिए इससे पहले भी भंग करने और कर्मचारियों के मसलों पर समय पर फैसला नहीं हो पाने की दलीलें दी गईं। हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेता भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बराबर ज्ञापन दे रहे थे कि ट्रिब्यूनल को तुरंत भंग किया जाए, क्योंकि इसमें अधिकांश कर्मचारियों को देरी से न्याय मिल रहा था।
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पहली बार 1 सितंबर, 1986 को तत्कालीन सरकार ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल का गठन किया था, जिससे कर्मचारियों को शीघ्र न्याय मिल सके। पूर्व धूमल सरकार 2008 में भी धूमल सरकार ने ट्रिब्यूनल भंग कर दिया था। वर्ष 2013 में महासंघ नेताओं ने केंद्र सरकार से ट्रिब्यूनल को भंग करने का मामला उठाया था। वर्ष 2015 में तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार ने इसे पुन: बहाल कर दिया।

महासंघ तदर्थ कमेटी अध्यक्ष विनोद कुमार कहते हैं कि ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक  अधिकारियों को सदस्य बनाने पर भी आपत्ति जताई जा रही थी। इनके स्थान पर विधि क्षेत्र से जुड़े सदस्यों को शामिल करने की मांग की जा रही थी। महासंघ के रविवार को हुए जनरल हाउस में भी प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने का प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेजा गया था।

वर्तमान समय में ट्रिब्यूनल ने 34 हजार में से 23 हजार केस 30 जून तक निपटाए हैं। पूर्व में इसे भंग करके सभी मामले हाईकोर्ट को भेज दिए थे और इस बार भी ये मामले हाईकोर्ट में भेजे जा सकते हैं। 

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