परिवहन विभाग यात्रियों के जरिये ही सूबे में लगातार बढ़ रहे बस हादसों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रहा है। विभाग का मानना है कि अधिकतर हादसे ओवर स्पीड, वाहन में म्यूजिक सिस्टम चलने, चालक के मोबाइल प्रयोग आदि गलतियों की वजह से होते हैं।
इसलिए, इन गलतियों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग यात्रियों को ही जरिया बनाएगा। यानी, यात्री के छोटे से फोन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग जल्द सरकारी और निजी बसों में परिवहन विभाग की गाइडलाइंस के साथ नीचे आरटीओ और आरएम के फोन नंबर जारी करेगा।
इन गाइडलाइंस में लिखा होगा कि अगर बस चालक गाड़ी तेज चला रहा है तो तुरंत आरटीओ और आरएम को फोन करें। बस के चालान के साथ चालक पर कड़ी कार्रवाई होगी। अगर चालक बस में म्यूजिक सिस्टम चला रहा है तो यात्री विभाग को फोन कर तुरंत शिकायत करें।
बस चालक अगर गाड़ी चलाते हुए मोबाइल का प्रयोग कर रहा है तो भी विभाग के अधिकारियों को मोबाइल पर तुुरंत फोन करें। इसके अलावा यात्री को बस में असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है तो भी विभाग को सूचना दी जा सकती है।
परिवहन विभाग कार्रवाई के तौर पर चालक का लाइसेंस कैंसल करने और उसे सस्पेंड करने तक की संस्तुति कर सकता है। बसों में ये गाइडलाइंस जल्द ही प्रमुखता से प्रकाशित की जाएंगी।
परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन (सेवानिवृत्त) जेएम पठानिया ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग यात्रियों की सुरक्षा के लिए योजना बना रहा है।
बसों में विभाग अपनी गाइडलाइंस प्रमुखता से बड़े अक्षरों में प्रकाशित करेगा। कोई भी यात्री बस में असुरक्षित महसूस करे या उसे लगे कि चालक गलत ढंग से बस चला रहा है तो उसकी शिकायत तुरंत विभागीय अधिकारियों को फोन पर कर सकेगा। यात्री की शिकायत पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होगी।