कार्मिक विभाग की ओर से शुक्रवार को सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को चेतावनी जारी करते हुए बिना मंजूरी लिए दूसरे राज्यों के दौरों पर जाने को लेकर रोक लगा दी गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बीते दिनों नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पुरस्कार लेने प्रदेश से दो सचिव स्तर के अधिकारियों सहित दो जिला उपायुक्त पहुंच गए। प्रदेश सरकार की जानकारी में मामला लाए बिना इस बड़े कार्यक्रम में आवश्यकता से अधिक अधिकारियों के पहुंचने पर हुई प्रदेश सरकार की फजीहत पर मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से शुक्रवार को सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को चेतावनी जारी करते हुए बिना मंजूरी लिए दूसरे राज्यों के दौरों पर जाने को लेकर रोक लगा दी गई है।
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कार्मिक विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी बिना प्राधिकृत विभाग से अनुमति लिए बिना राज्य से बाहर दौरे पर जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कार्मिक विभाग ने कहा है कि कई बार देखा गया है कि कुछ अधिकारी दूसरे राज्यों के दौरे पर जाने से एक या दो दिन पूर्व ही जानकारी देते हैं। कई मामलों में अधिकारी बिना मंजूरी लिए सिर्फ जानकारी देकर ही दौरों के लिए निकल पड़ते हैं। इससे सरकारी कोष पर भी अनावश्यक बोझ पड़ता है। सरकारी आदेशों में कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी भविष्य में बिना अनुमति के राज्य से बाहर इस तरह के दौरे पर जाता है तो उसके खिलाफ सरकारी सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।