शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक पढ़ाने का काम छोड़कर राजनीति कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एसएफआई के विवि इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को अधिष्ठाता अध्ययन से मिलकर यह मांग उठाई। एसएफआई का कहना है कि विश्वविद्यालय राजनीति का अखाड़ा बन गया है। इस वजह से अब शैक्षणिक और शोध का स्तर भी गिरने लग गया है। परिसर इकाई सचिव रितेश ने कहा कि अधिकांश शिक्षक कक्षाओं में कम राजनीतिक गतिविधियों में अधिक भाग ले रहे हैं। शिक्षा विभाग के एक शिक्षक परिसर में छात्र संगठन की बैठकों और प्रचार प्रसार में अधिक व्यस्त रहते हैं। कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए कोई राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकता। ब्यूरो