शिमला। शहर में रिहायशी भवनों की छतों पर बिना अनुमति टावर लगाने वाले 23 और भवन मालिकों पर कार्रवाई के आदेश जारी हो गए हैं। इन्हें तुरंत तोड़ने को कहा गया है। दो भवनों पर पहले ही कार्रवाई के आदेश दिए जा चुके हैं। ज्यादातर टावर शहर के कोर एरिया में लगे हैं। शनिवार को नगर निगम आयुक्त कोर्ट में कुल 68 मामलों पर सुनवाई की गई। इनमें 23 भवन मालिकों के खिलाफ चल रही सुनवाई पूरी करते हुए आयुक्त पंकज राय ने इन्हें नियमों के खिलाफ पाया। इन भवन मालिकों ने नगर निगम से अनुमति लिए बिना ही घरों की छतों पर टावर लगा दिए थे। ज्यादातर टावर टेलीकॉम कंपनियों के हैं जिनसे ये भवनमालिक मोटी कमाई कर रहे हैं। लेकिन अब इन्हें ये टावर हटाने होंगे। इससे पहले शुक्रवार को भी निगम आयुक्त कोर्ट ने दो भवनमालिकों के खिलाफ ऐसे आदेश जारी किए थे। शिमला शहर में सैकड़ों भवनों पर इस समय टावर लगे हुए हैं। नियमानुसार किसी भी रिहायशी या व्यावसायिक भवन की छत पर टावर लगाने के लिए नगर निगम से एनओसी लेना अनिवार्य है। कोर एरिया समेत उपनगरों में कई लोग बिना अनुमति से ही टावर लगा रहे हैं। इन पर अब निगम सख्त हो गया है। निगम आयुक्त पंकज राय का कहना है कि बिना अनुमति टावर लगाने वाले भवन मालिकों को तुरंत इन्हें तोड़ने के आदेश दिए गए हैं।