शहरों के बजाए ग्रामीण क्षेत्रों में कम गैस सिलिंडर मिलने की संभावनाएं रहती है। यहां लोग तोलकर सिलिंडर नहीं लेते हैं। सरकार का मानना है कि लोगों को स्वयं भी जागरूक होना पड़ेगा।
अगर लोगों को तोलकर सिलिंडर नहीं दिया जाता है तो वह संबंधित खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग में अपनी शिकायत कर सकता है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि कम गैस सिलिंडर की शिकायतें आ रही है।
इसके चलते विभाग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा है। प्रदेश के जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को इस मामले में कड़ा रुख अपनाने को कहा है।
प्रदेश सरकार ने जिला खाद्य आपूर्ति विभाग को ढाबों में भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अकसर ढाबा मालिक व्यवसायिक के बजाए घरेलू सिलिंडर को उपयोग कर रहे हैं। जिससे सरकार को चूना लग रहा है।