सरकारी स्कूलों में रोजाना बनाई जाने वाली मिड डे मील के काम में बच्चों को लगाने वाले शिक्षकों की शामत आने वाली है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों को इस संदर्भ में सख्त आदेश जारी किए है। कहा गया है कि जिन स्कूलों मैं गैस नहीं है, वहां बच्चों से मिड डे मील बनाने के लिए लकड़ियां एकत्रित न करवाई जाएं।
इस तरह के मामले सामने आने पर कड़ी कार्रवाई के प्रति भी शिक्षकों और मिड डे मील प्रभारियों को चेताया गया है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित कई स्कूलों में लकड़ियां जलाकर दोपहर का भोजन बनाया जाता है। निदेशालय के पास शिकायतें पहुंची हैं कि कुछ स्कूलों में लकड़ी के ईंधन को लाने और एकत्र करवाने का काम स्कूली बच्चों से करवाया जा रहा है।
निदेशालय ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि स्कूल में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों से किसी भी तरह का काम ना लिया जाए। शिक्षा प्रभावित ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया है कि अगर किसी स्कूल में इस तरह के मामले सामने आए तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल जिलों में भेजे गए हैं।