शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने 4.066 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार जयपाल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने कहा कि आरोपी जयपाल ने अपने पिता की बीमारी (मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर व आत्महत्या की प्रवृत्ति) का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत मांगी थी लेकिन यह याचिका खारिज कर दी गई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पहले ही अपनी नियमित जमानत याचिका में असफल हो चुका है। पिता की बीमारी का हवाला देकर अंतरिम जमानत मांगना एनडीपीएस के गंभीर मामले में पर्याप्त आधार नहीं है। परिवार रजिस्टर के अनुसार आरोपी की मां और पत्नी घर पर हैं जो पिता की देखभाल कर सकती हैं। याचिका में अंतरिम जमानत की कोई निश्चित अवधि भी नहीं बताई गई। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले असीम मलिक बनाम ओडिशा राज्य का हवाला देते हुए कहा कि अंतरिम जमानत नियमित रूप से नहीं दी जानी चाहिए। कुपवी पुलिस स्टेशन में 13 फरवरी 2025 को दर्ज मामले में जयपाल पर 4.066 किलोग्राम चरस रखने का आरोप है। वह वर्तमान में कैथू सब जेल में बंद है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पिता को लंबे समय तक उपचार की जरूरत है, जिसके लिए आरोपी को अंतरिम जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। ब्यूरो