गुड़िया दुराचार और हत्याकांड मामले में खुद को निर्दोष बता रहे एक आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई है। मामले में आरोपी आशीष चौहान को अदालत से जमानत मिल गई है। इससे पुलिस ही नहीं, बल्कि सीबीआई की जांच के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
महासू क्षेत्र के निवासी आशीष चौहान को गुड़िया मामले में पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया। बाद में सीबीआई की जांच के बाद भी वह लंबे वक्त तक पहले रिमांड पर और उसके बाद न्यायिक हिरासत में रहा।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई न तो ये तय कर पाई है कि आशीष चौहान का इस मामले में कोई रोल रहा भी है कि नहीं। न ही उसे इसलिए क्लीन चिट दे पा रही है कि अभी तक बहुत सी बातों पर यह जांच एजेंसी स्पष्ट नहीं है।
कुल मिलाकर अभी तक यह एजेंसी अंधेरे में ही तीर मार रही है। दूसरी ओर, गुड़िया मामले को लेकर लगातार आंदोलनरत रहे मदद सेवा ट्रस्ट के सदस्य विकास थापटा का कहना है कि अगर सीबीआई इस मामले में किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है तो ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अब जांच एजेंसी की कार्यशैली को लेकर लोग दोबारा आंदोलन शुरू कर सकते हैं।