शिमला। अदालत ने सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने और दो मौतों के मामले में आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने पर उसे बरी कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट सुस्मिता शर्मा ने यह फैसला सुनाया है। इसमें हिरदा राम निवासी तहसील सदर जिला मंडी को बरी किया है। मामला शहर के न्यू शिमला थाना क्षेत्र में 13 दिसंबर 2011 में पंजीकृत हुआ था। पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी कि एनएच 22 (अब एनएच 05) पर कनलोग के पास चिड़गांव-मंडी रूट की एक निजी बस खाई में गिर गई है। हादसे में कई यात्री घायल हुए थे जबकि कृष्ण लाल और लता देवी की मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए थे कि दुर्घटना आरोपी हिरदा राम की तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने से हुई। पुलिस ने वाहन का यांत्रिक परीक्षण कर अदालत में चालान पेश किया। आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 26 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने हिरदा राम को निर्दोष करार दे दिया। संवाद