पांच लोगों ने किया आत्मसमर्पण, तीन मामलों में उद्दघोषित आपराधियों की हुई दोषसिद्धि, छह के रिकॉर्ड का किया निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सालों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे उद्घोषित अपराधियों को पकड़ने के लिए जिला पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। मामलों की नियमित समीक्षा, रिकॉर्ड के सत्यापन और मजबूत सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने तीन उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई है। इसमें एनडीपीएस और पोक्सो एक्ट के जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित आरोपी भी शामिल थे। इस अभियान में अभी तक 30 उद्घोषित अपराधियों को ट्रैक डाउन कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई में आठ महीनों में 16 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच से आत्मसमर्पण करवाया गया है।
पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान तीन मामलों में उद्घोषित अपराधियों को दोषसिद्धि हुई है, जबकि छह उद्घोषित अपराधियों से संबंधित रिकॉर्ड का निस्तारण किया गया है। गिरफ्तार उद्घोषित अपराधियों में एनडीपीएस एक्ट और आरोपी पोक्सो एक्ट के अलावा चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी भी शामिल हैं। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस टीमों ने लगातार फील्ड वेरिफिकेशन के अलावा तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर फरार उद्घोषित अपराधियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों पर कानूनी दबाव बढ़ा है। इसके साथ ही यह संदेश भी गया है कि अपराध करने के बाद कानून से लंबे समय तक बचना संभव नहीं है। जिला शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया कि उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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7 वर्षों से फरार उद्घोषित अपराधी गिरफ्तार
शिमला पुलिस के विशेष अभियान के तहत कई सालों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें विभिन्न आपराधिक मामलों के आरोपी शामिल हैं। हाल ही में पीओ सेल रोहड़ू ने करीब 7 वर्षों से फरार उद्घोषित अपराधी गुलाब सिंह को उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया। आरोपी को एसीजीएम रोहड़ू ने धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के चार मामलों में उद्घोषित अपराधी घोषित किया था। इसी तरह से कई अन्य मामलों में भी पुलिस ने सालों से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है।