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मार्च 2015, रद्द होगी निजी स्कूलों की मान्यता?

Thu, 22 May 2014 10:35 PM IST
राजेश कुमार शर्मा/अमर उजाला, धर्मशाला
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हिमाचल प्रदेश के सैकड़ों निजी स्कूलों पर अगले साल गाज गिरने वाली है। आरटीई एक्ट 2009 के तहत निजी स्कूलों में योग्य स्टाफ होना चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में प्रदेश के नाममात्र निजी स्कूलों में ही ऐसी व्यवस्था है।
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शिक्षा विभाग ने पहली अप्रैल 2010 को सभी निजी स्कूलों को पांच साल के बीच योग्य स्टाफ तैनात करने के निर्देश दे रखे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई एक्ट की सेक्शन 23(2) के तहत दिए निर्देशों का समय मार्च 2015 में पूरा होने जा रहा है।

पांच साल में निजी स्कूलों को योग्य स्टाफ तैनात करना है, यह समय लगभग पूरा होने वाला है। बावजूद इसके वर्तमान में गिने-चुने स्कूलों में ही योग्य स्टाफ तैनात है। योग्यता अनुसार स्कूल में तैनात शिक्षक जेबीटी या बीएड होने के साथ-साथ टेट (अध्यापक पात्रता परीक्षा) पास होना चाहिए।
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जबकि, हजारों स्कूलों में हालात यह हैं कि यहां तैनात कुछ अध्यापक जेबीटी और बीएड भी नहीं हैं। मार्च 2015 के बाद नियम पूरे न करने वाले स्कूलों की मान्यता शिक्षा विभाग द्वारा तत्काल रद्द की जाएगी।

जो निजी स्कूलों के लिए खतरे की घंटी है। सूत्रों की मानें तो निजी स्कूल आरटीई एक्ट की उक्त सेक्शन पर आधारित कुल 17 में से टेट वाली शर्त से अनजान हैं। शायद यही कारण है कि चार साल बीत जाने के बाद भी स्कूलों में योग्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

एफिडेविट देकर चला रहे काम
मौजूदा समय में एफिलेशन लेने वाले स्कूल फिलहाल एफिडेविट देकर काम चला रहे हैं। जिसमें लिखा है कि 2015 में निर्धारित समय तक शर्तें पूरी न करने पर विभाग उनकी मान्यता रद्द कर सकता है। सैकड़ों ऐसे नए मान्यता प्राप्त स्कूल विभाग में एफिडेविट देकर काम चला रहे हैं।

ऐसे स्कूलों पर होगी कार्रवाई : अशोक  
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अशोक शर्मा का कहना है कि एक्ट के तहत स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। मार्च 2015 को समय पूरा होने के बाद शर्तें पूरी न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
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