शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-एक शिमला प्रवीण गर्ग की अदालत ने चेक बाउंस से जुड़े मामले में आरोपी रमेश ठाकुर की ओर से दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए पुराने न्यायिक रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति दे दी है।आरोपी रमेश ठाकुर ने निचली अदालत की ओर से 21 सितंबर 2024 को सुनाए दोषसिद्धि के फैसले और 23 सितंबर 2024 को पारित सजा के आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। आरोपी की ओर से दलील दी कि इस पुराने न्यायिक रिकॉर्ड से साबित होता है कि शिकायतकर्ता ने अदालत में बयान दिया था कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि उक्त दस्तावेज को रिकॉर्ड पर लेने से शिकायतकर्ता को कोई पूर्वाग्रह या नुकसान नहीं होगा और अनुमति प्रदान कर दी। संवाद