कानूनी दायित्वों से बचना चाह रही है सरकार : आशीष अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में जॉब ट्रेनी के विरोध, छात्रों और बेरोजगार युवाओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। विवि के पुस्तकालय परिसर में शुक्रवार को चलाए गए इस अभियान के माध्यम से एबीवीपी ने सरकार तक आम युवाओं की आवाज को पहुंचाने का प्रयास किया है।
एबीवीपी की विवि इकाई मंत्री आशीष शर्मा ने कहा कि इस हस्ताक्षर अभियान में मुख्य रूप से प्रदेश सरकार की युवा और छात्र विरोधी जॉब ट्रेनी पॉलिसी का विरोध किया है। सरकार से इसे जल्द इसे वापस लेने की मांग की गई है। इस नीति के लागू किए जाने से प्रतियोगी परीक्षाओं को पासकर सरकारी नौकरी में लगे युवा नियमित नहीं हो पाएंगे, उन्हें स्थायी कर्मचारियों वाले लाभों से वंचित रखा जाएगा।
सरकार नीति को लागू कर कानूनी दायित्वों से बचना चाह रही है और इसके लिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। यह युवाओं की मजबूरी का लाभ उठाकर उनका शोषण करने का तरीका है। इस नीति के लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं का कोई मायने नहीं रह जाता है। इसके अलावा एबीवीपी ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को लागू करने, विवि के छात्र-छात्राओं के लिए नई बसों की खरीद करने जैसी मांगों को हस्ताक्षर अभियान में शामिल किया है। इसके अलावा विवि में नए छात्रावासों के निर्माण को शुरू करने, विवि में रिक्त पड़े गैर शिक्षकों के पदों को भरने, प्रदेश में खनन माफिया और नशा माफिया पर शिकंजा कसने की मांग को शामिल किया था।