शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में की गई फीस बढ़ोतरी का विरोध किया है। परिषद ने इसे छात्र विरोधी निर्णय बताते हुए सरकार से तत्काल फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की है। अभाविप की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों और परीक्षा संबंधी शुल्क में 25 से 27 प्रतिशत जबकि नौणी विश्वविद्यालय में 52 से 62 प्रतिशत तक वृद्धि की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी के दौर में इतनी बड़ी फीस वृद्धि से विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गरीब, ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के अनेक विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो जाएगा। विश्वविद्यालयों की वित्तीय चुनौतियों का भार विद्यार्थियों पर डालना उचित नहीं है। अभाविप ने मांग की है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में बढ़ाई गई फीस तत्काल प्रभाव से वापस ली जाए। संवाद