शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) में सोमवार को विशेष व्याख्यान हुआ। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने वर्चुअल माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों और उसकी वैश्विक प्रासंगिकता पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि वर्तमान और भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के समाधान का सशक्त बौद्धिक आधार है। उन्होंने भारतीय सभ्यता की ज्ञान-संपदा, दार्शनिक परंपराओं, सांस्कृतिक निरंतरता और भारत-केंद्रित वैचारिक दृष्टिकोण को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने की। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा पर गंभीर अकादमिक विमर्श की आवश्यकता रेखांकित की। व्याख्यान के बाद संवाद सत्र में शोधार्थियों, फेलो और एसोसिएट्स ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े प्रश्न पूछे जिनका प्रो. पंडित ने उत्तर दिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने किया। संवाद