सरकार के निर्देश पर तीन बड़े शहरों में शुरू हुआ सर्वेक्षण, शिमला के 34 वार्डाें में उतरी एसडीआरएफ की टीमें
विज्ञापन
वर्ष 2023 और 2025 में हुआ था शहर में भारी नुकसान अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भूकंप और भूस्खलन जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सरकार ने प्रदेश के तीन बड़े शहरों का आपदा प्लान तैयार करने का फैसला लिया है। धर्मशाला, मंडी के बाद अब राजधानी शिमला के सभी 34 वार्डाें का आपदा प्लान तैयार करने के लिए सर्वेक्षण शुरू हो गया है।
साल 2023 और 2025 में भारी बारिश से आई आपदा से सबक लेते हुए पहली बार वार्ड स्तर पर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस प्लान को तैयार करने का जिम्मा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को सौंपा है। इसके लिए एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम सर्वेक्षण के लिए वार्डाें में जा रही है। अब तक कृष्णानगर और रुल्दूभट्ठा समेत तीन वार्डाें का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। सितंबर अंत तक सभी 34 वार्डाें का सर्वेक्षण पूरा कर आपदा रिपोर्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि आपदा से पहले ही कहां क्या कदम उठाए जा सकते हैं। एसडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार को शहर के शांति विहार और भट्ठाकुफर वार्ड का दौरा किया। यहां स्थानीय पार्षदों की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया। दोनों वार्डाें की रिहायशी काॅलोनियों, सड़कों, स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया गया। पार्षद विनीत शर्मा के साथ शांति विहार वार्ड के समिट्री क्षेत्र का जायजा लिया गया। यह घनी आबादी वाला इलाका है। यहां ज्यादातर रिहायशी गलियां काफी संकरी हैं। इसी तरह पार्षद नरेंद्र ठाकुर के साथ भट्ठाकुफर वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। दोनों वार्डाें में भूकंप और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों का सर्वेक्षण कर लिया है।
विज्ञापन
वार्डाें में चिह्नित होंगे सेफ जोन
सर्वेक्षण में हर वार्ड का एक ऐसा सेफ जोन चिह्नित किया जाएगा जहां आपदा आने की स्थिति में लोग सुरक्षित रह सकते हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन कहां से शुरू होगा, कैसे मौके पर आपदा दल के उपकरण पहुंचाए जा सकेंगे, इसकी रिपोर्ट तैयार होगी। आपदा के दौरान एंबुलेंस की आवाजाही कहां और कैसे होगी, इसका रूट तय होगा। टीम को इस दौरान मौके पर पहुंचने के लिए कितना रिस्पॉन्स टाइम लगेगा, इसे भी शामिल किया जाएगा। वार्ड के सबसे नजदीक का स्वास्थ्य संस्थान, हैलीपेड, सामुदायिक भवन आदि भी चिह्नित किए जा रहे हैं। भूकंप या भूस्खलन की स्थिति में संबंधित क्षेत्र में कौन कौन से इमारतें खतरनाक हो सकती हैं, इसे भी चिह्नित किया जाएगा।
तीन शहरों का बन रहा आपदा प्लान सरकार के निर्देश पर प्रदेश के तीन बड़े शहरों धर्मशाला, मंडी और शिमला का आपदा प्लान तैयार किया जा रहा है। भूकंप और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील राजधानी शिमला के सभी 34 वार्डाें का सर्वेक्षण किया जा रहा है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। -अर्जित ठाकुर, एसएसपी एसडीआरएफ