वहीं, सोमवार को दिन भर चर्चा रही कि बाढ़ में बही दो गाड़ियों में कुछ व्यक्ति भी सोए थे, जोकि गाड़ियों के साथ ही बह गए हैं। शाम होने तक न तो इस बात की कोई पुष्टि हो पाई और न ही इन गाड़ियों की पहचान हो पाई है।
वहीं नेरवा बाजार के बीचों-बीच बहने वाले द्याण्ड्ली नाले ने भी जमकर तबाही मचाई। नाले में लाखों टन मलबा आने से किनारे पार्क पांच वाहन और दो दुकानें भी बह गईं। नाले का मलबा दर्जनों दुकानों में घुस गया है।
वहीं, रानाक्यार में बाढ़ की चपेट में आने से दो मकान बह गए और शिहकयार में कई दुकानों और घरों में नालों का मलबा घुसने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। उपमंडल में कई स्थानों पर दर्जनों घर गिरने की सूचना है।
वहीं, सरकारी अनुमान के अनुसार बरसात ने पूरे उपमंडल चौपाल में अरबों रुपये की निजी और सरकारी संपत्ति बहा डाली है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुट गया है और राजस्व विभाग की ओर से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
सोमवार को नायब तहसीलदार नेरवा अरुण कुमार और एसएचओ नेरवा प्रदीप ठाकुर की अगुवाई में पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने कुछ प्रभावित स्थानों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।